योगी सर्वत्रापमानित ‘स्मृतिरोगी’

शिशिरयामको, पतझड पातझैं म झरी गएछु
समयलाई चिन्न, नसक्दा आज, पछुताईरहेछु
............................................पछुताईरहेछु
वेवसाइट : www.smritisangraha.blogspot.com इमेल : smritirogi@gmail.com